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Ref #165
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18 September 2025
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Qurbani Kis par wajib hai | क़ुरबानी किस पर वाजिब है
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Sawal / Inquirer Query (سوال/عرض سائلین):
Qurbani Kis par wajib hai | क़ुरबानी किस पर वाजिब है
Al-Jawab (Original Text / اصل جواب):
Qurbani Kis par wajib hai | क़ुरबानी किस पर वाजिब है
मेरे प्यारे इस्लामी भाइयो आज मैं आप को ये बताऊंगा की Qurbani kis par wajib hai . ( क़ुरबानी किस पर वाजिब है ) क़ुरबानी वाजिब होने के लिए कुछ शर्तें हैं की अगर उनमे से कोई एक भी न पाई जाये तो वाजिब नहीं होगी |- इस्लाम यानी मुसलमान होना ,लिहाज़ा गैर मुस्लीम पर क़ुरबानी वाजिब नहीं
- इक़ामत यानी मुकीम होना . लिहाज़ा मुसाफिर पर क़ुरबानी वाजिब नहीं |
- मालदार यानी मालिक e निसाब होना . मालदार होने से मुराद ये नहीं है की बहुत ज्यादा मालदार हो या उसपर ज़कात फ़र्ज़ हो . बल्कि जो साढे बावन तोला यानि ६०० ग्राम चंडी या उसकी कीमत का मालिक हो . इसीतरह हाजत e अस्लिय्या के सिवा किसी ऐसी चीज़ का मालिक हो जिस की कीमत साढ़े बावन तोला चंडी की कीमत के बराबर हो , वो गाणी है .ऐसे इंसान पर कुर्बानी वाजिब है .
- हाजत e अस्लिय्या से मुराद रहने का मकान . घर के ऐसे सामन जिन की ज़रुरत हो . सवारी , खादिम , ठंडी या गर्मी में पहनने के कपडे , पेशा वरो के अवजार , इल्म वालों के लिए हाजत की इतबें , ख्मे के लिए गल्ला .
- हाजत e अस्लिय्या के अलावा अगर किसी के पास इतनी कीमत का सामान हो , जैसे टीवी , रेडिओ , जेवरात या ऐसे बर्तन जिन का इस्तेमाल नहीं होता , सिर्फ सजाने की नियत से रखें हैं तो ऐसे शख्श पर क़ुरबानी वाजिब है |
- जिस पर क़र्ज़ है अगर उसके माल से क़र्ज़ की मिकदार तक अलग करे तो बाक़ी माल साढ़े बावन टोला चांदी की कीमत के बराबर न हो तो उसपर कुर्बानी वाजिब नहीं |
- चौथी शर्त आज़ाद होना यानी गुलाम पर कुर्बानी वाजिब नहीं |
क़ुरबानी का जानवर कैसा होना चाहिए | Qurbani ka Janwar kaisa hona chahiye | kitna aib ho to qurbani nahi hoti
चार किस्म के जानवरों की कुर्बानी जाएज़ है .- दुंबा
- बकरा
- गाय
- ऊँट
जानवर में ऐब ना हो
जिस जानवर की हम अल्लाह की बारगाह में कुर्बानी करने का इरादा रखते हैं , उस जानवर का ऐब से पाक होना ज़रूरी है . क्यंकि उस जानवर को हम अल्लाह अज्ज़वाज्ल की बारगाह में तोहफा के तौर पर पेश कर रहे हैं . और किसी ऐब दार चीज़ को तोहफे में नहीं पेश किया जाता | लिहाज़ा कुर्बानी करने से पहले हमें इस बात का ज़रूर ख्याल रखना चाहिए की जिस जानवर की कुर्बानी की जा रही है उस में कोई नुक्स न हो | जिन अय्बों से जानवर का पाक होना ज़रूरी है उसका ज़िक्र एक हदीस e पाक में मोजूद है | हजरत बरा बिन आजिब रादिअल्लाही अन्हु से रिवायत है की रसूलुल्लाह सल्लाहू अलैहि वसल्लम से पुछा गया , की क़ुरबानी के जानवर का किन चीजों से पाक होना ज़रूरी है . तो आप सल्लाहू अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया ; चार चीजों से पाक होना ज़रूरी है |- लंगड़ा जिस का लंगड़ा पण ज़ाहिर हो |
- काना जिस का काना होना ज़ाहिर हो |
- बीमार , जिस की बीमारी ज़ाहिर हो |
- इतना कमज़ोर की उसकी हड्डी से गूदा न निकल सके |
( मिश्कात शरीफ )
मौलाना अजहर अलीमी
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<h1><span style="font-family: tahoma, arial, helvetica, sans-serif;">Qurbani Kis par wajib hai </span>| क़ुरबानी किस पर वाजिब है</h1> <span style="font-size: 20px;">मेरे प्यारे इस्लामी भाइयो आज मैं आप को ये बताऊंगा की Qurbani kis par wajib hai . ( क़ुरबानी किस पर वाजिब है ) क़ुरबानी वाजिब होने के लिए कुछ शर्तें हैं की अगर उनमे से कोई एक भी न पाई जाये तो वाजिब नहीं होगी |</span> <ul> <li><span style="font-size: 20px;">इस्लाम यानी मुसलमान होना ,लिहाज़ा गैर मुस्लीम पर क़ुरबानी वाजिब नहीं</span></li> <li><span style="font-size: 20px;">इक़ामत यानी मुकीम होना . लिहाज़ा मुसाफिर पर क़ुरबानी वाजिब नहीं |</span></li> <li><span style="font-size: 20px;">मालदार यानी मालिक e निसाब होना . मालदार होने से मुराद ये नहीं है की बहुत ज्यादा मालदार हो या उसपर ज़कात फ़र्ज़ हो . बल्कि जो साढे बावन तोला यानि ६०० ग्राम चंडी या उसकी कीमत का मालिक हो . इसीतरह हाजत e अस्लिय्या के सिवा किसी ऐसी चीज़ का मालिक हो जिस की कीमत साढ़े बावन तोला चंडी की कीमत के बराबर हो , वो गाणी है .ऐसे इंसान पर कुर्बानी वाजिब है .</span></li> <li><span style="font-size: 20px;">हाजत e अस्लिय्या से मुराद रहने का मकान . घर के ऐसे सामन जिन की ज़रुरत हो . सवारी , खादिम , ठंडी या गर्मी में पहनने के कपडे , पेशा वरो के अवजार , इल्म वालों के लिए हाजत की इतबें , ख्मे के लिए गल्ला .</span></li> <li><span style="font-size: 20px;">हाजत e अस्लिय्या के अलावा अगर किसी के पास इतनी कीमत का सामान हो , जैसे टीवी , रेडिओ , जेवरात या ऐसे बर्तन जिन का इस्तेमाल नहीं होता , सिर्फ सजाने की नियत से रखें हैं तो ऐसे शख्श पर क़ुरबानी वाजिब है |</span></li> <li><span style="font-size: 20px;">जिस पर क़र्ज़ है अगर उसके माल से क़र्ज़ की मिकदार तक अलग करे तो बाक़ी माल साढ़े बावन टोला चांदी की कीमत के बराबर न हो तो उसपर कुर्बानी वाजिब नहीं |</span></li> <li><span style="font-size: 20px;">चौथी शर्त आज़ाद होना यानी गुलाम पर कुर्बानी वाजिब नहीं |</span></li> </ul> <span style="font-size: 20px;">नोट : मर्द हों कुर्बानी के लिए शर्त नहीं बल्कि औरत भी अगर मालिक e निसाब हो तो उस पर भी क़ुरबानी वाजिब है .</span> <h2>क़ुरबानी का जानवर कैसा होना चाहिए | Qurbani ka Janwar kaisa hona chahiye | kitna aib ho to qurbani nahi hoti</h2> <span style="font-size: 20px;">चार किस्म के जानवरों की कुर्बानी जाएज़ है . </span> <ol> <li><span style="font-size: 20px;">दुंबा </span></li> <li><span style="font-size: 20px;">बकरा </span></li> <li><span style="font-size: 20px;">गाय </span></li> <li><span style="font-size: 20px;">ऊँट </span></li> </ol> <span style="font-size: 20px;">इसी तरह भैंस की कुर्बानी भी सही है , इसलिए की वो पालतू गाय की किस्म में से है . और वहशी गाय की कुर्बानी जाईज नहीं है | </span> <h3>जानवर में ऐब ना हो</h3> <span style="font-size: 20px;">जिस जानवर की हम अल्लाह की बारगाह में कुर्बानी करने का इरादा रखते हैं , उस जानवर का ऐब से पाक होना ज़रूरी है . क्यंकि उस जानवर को हम अल्लाह अज्ज़वाज्ल की बारगाह में तोहफा के तौर पर पेश कर रहे हैं . और किसी ऐब दार चीज़ को तोहफे में नहीं पेश किया जाता | लिहाज़ा कुर्बानी करने से पहले हमें इस बात का ज़रूर ख्याल रखना चाहिए की जिस जानवर की कुर्बानी की जा रही है उस में कोई नुक्स न हो | </span> <span style="font-size: 20px;">जिन अय्बों से जानवर का पाक होना ज़रूरी है उसका ज़िक्र एक हदीस e पाक में मोजूद है | हजरत बरा बिन आजिब रादिअल्लाही अन्हु से रिवायत है की रसूलुल्लाह सल्लाहू अलैहि वसल्लम से पुछा गया , की क़ुरबानी के जानवर का किन चीजों से पाक होना ज़रूरी है . तो आप सल्लाहू अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया ; चार चीजों से पाक होना ज़रूरी है | </span> <ol> <li><span style="font-size: 20px;">लंगड़ा जिस का लंगड़ा पण ज़ाहिर हो |</span></li> <li><span style="font-size: 20px;">काना जिस का काना होना ज़ाहिर हो | </span></li> <li><span style="font-size: 20px;">बीमार , जिस की बीमारी ज़ाहिर हो | </span></li> <li><span style="font-size: 20px;">इतना कमज़ोर की उसकी हड्डी से गूदा न निकल सके | </span></li> </ol> <p style="text-align: right;"><strong>( मिश्कात शरीफ ) </strong></p> <h5><span style="font-size: 16px;"><strong>मौलाना अजहर अलीमी</strong></span></h5>
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